झाबुआ में राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में संभागीय स्तर की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में झाबुआ का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जय बजरंग व्यायाम शाला के संरक्षक एवं रोटरी इंटरनेशनल 3040 के रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. यशवंत भंडारी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि “निरंतर अभ्यास और कठोर परिश्रम ही सफलता का असली मंत्र है। आपकी यह उपलब्धि सफलता की पहली सीढ़ी है, अभी आपको और भी ऊँचाइयों को छूना है। एक अच्छे खिलाड़ी के सभी गुण आपमें मौजूद हैं और खेल जगत में आपका भविष्य उज्ज्वल है। हम हर कदम पर आपके साथ खड़े हैं और हर प्रकार का सहयोग देंगे।” डॉ. भंडारी ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को ऐतिहासिक करार देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह की अध्यक्षता अखाड़े के उस्ताद प्रेम भाई सतोगिया पहलवान ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस बार संभागीय स्तर की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में बजरंग व्यायाम शाला के 6 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें से 5 ने स्वर्ण पदक और एक ने रजत पदक जीतकर व्यायाम शाला के आधार स्तंभ रहे स्व. पं. सुशील वाजपेई पहलवान के सपनों को साकार किया है। उन्होंने खिलाड़ियों को आगे और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी झाबुआ का नाम रोशन कर सकें।
इस अवसर पर कुमारी श्रद्धा वाजपेई ओर यशस्विनी वाजपई ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके संघर्ष, अनुशासन और खेल भावना को आदर्श मानने की बात कही। विशेष अतिथि श्रीमती सुनीता सुशील वाजपेई ने पदक विजेताओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रतियोगिता में अर्चना तोमर, अवंतिका भूरिया, छाया मावी, आशीष वाकला और सौम्य देवड़ा ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि चंदर सिंह चंदेल पहलवान ने रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा प्रतिभावान खिलाड़ी छाया मावी और अवंतिका भूरिया को ‘संभाग स्टारंग वूमेन’ का खिताब प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षक गुलाब सिंह गुंडिया के नेतृत्व में यह सफलता मिली।
सम्मान समारोह में जय बजरंग व्यायाम शाला के वरिष्ठ खिलाड़ी उमेश मेड़ा, संजय भूरिया, मांगीलाल माली, कमल सिंह ग्रेवाल, बाबू प्रमोद साहू, ऋतिक भाबोर सहित राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी नानुड़ी चारेल, चिंतन बारिया, सोनिया डामोर और लक्ष्मी बामनिया भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कुमारी यशस्वी वाजपेयी ने किया और अंत में प्रशिक्षक गुलाब सिंह गुंडिया ने सभी अतिथियों और खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए सम्मान और प्रेरणा का मंच बना, बल्कि झाबुआ जिले में खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य का संदेश भी दिया।


